अभिवृद्धि एवं विकास के सिद्धांत
अभिवृद्धि एवं विकास के सिद्धांत - अभिवृद्धि और विकास के सिद्धांत इस प्रकार हैं - १. विकास सभी के लिए समान है। २. विकास सामान्य से विशिष्ट प्रक्रियाओं की ओर होता है। ३. विकास की गति भिन्न होती है। ४. विकास की प्रक्रिया सतत होती है। ५. विकास समग्रता से विभेदीकरण की ओर आगे बढ़ता है। ६. विकास में सहसम्बन्ध होता है। ७. स्त्रियों एवं पुरुषों के विकास दरों में अंतर होता है। ८. वृद्धि और विकास की क्रिया वंशानुक्रम और वातावरण का संयुक्त परिणाम है। ९. विकास की प्रवृति आश्रितता से स्वायत्ता की ओर होती है। १०. विकास वर्तुलार होता है। ११. विकास मस्तिकाधोमुखी क्रम में होता है। १२. विकास निकट से दूर की ओर होता है। १३. विकास ऊपर से नीचे की ओर होता है। १४. विकास मध्य से बाहर की और होता है। १५. प्रत्येक विकासात्मक अवस्था में अंतर्निहित खतरे होते हैं।