मानसिक द्वंद्व

मानसिक द्वंद्व  -जब व्यक्ति अपने वातावरण में कुछ ऐसी समस्याओं का सामना करता है जिसमे उसे  अपनी इच्छाओं  और   आवश्यकताओं में से किसी एक का चयन करने के लिए  कहा जाता है।तब मानसिक द्वंद्व  की स्थिति उत्पन्न होती है। 

डगलस  व हालैण्ड के अनुसार --" द्वंद्व  (संघर्ष )  अर्थ है विरोधी और विपरीत इच्छाओं में तनाव के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाली कष्टदायक संवेगात्मक दशा। "

"Conflict means a painful emotional state ,which result from a tension between opposed and contradictory wishes." -   DOUGLAS AND HOLLAND

क्रो व् क्रो के अनुसार --"द्वंद्व उस समय उत्पन्न होते हैं जब एक व्यक्ति को अपने वातावरण में ऐसी शक्तियों का सामना करना पड़ता है जो उसकी स्वयं की अभिरुचियों और इच्छाओं के विरुद्ध कार्य करती हैं। "

"Conflict arise when an individual is faced with forces in his environment that act in opposite to his own interests and desires ."     - CROW & CROW

फ्रायड के अनुसार --"इदं, अहम् और परम् के बीच सामंजस्य का आभाव होने से मानसिक द्वंद्व होता है। "

Mental Conflict is caused by the lack of adjustment between Id ,Ego and Super Ego."   ---FREUD

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