भग्नाशा या कुंठा
भग्नाशा या कुंठा --भग्नाशा या कुंठा व्यक्ति की वह मानसिक स्थिति और भावात्मक दशा है जो अनेक रुकावटों तथा परस्पर विरोधी विकल्पों का सामना करने पर उत्पन्न होती है।
कोलसनिक के अनुसार --"भग्नाशा उस आवश्यकता की पूर्ति या लक्ष्य की प्राप्ति में अवरुद्ध होने या निष्फल होने की भावना है ,जिसे व्यक्ति महत्वपूर्ण समझता है। "
Frustration is the feeling of being blocked or thwarted in satisfying a need or attaining a goal that the individual perceives as significant." -KOLESNIK
गुड के अनुसार -"भग्नाशा का अर्थ है -किसी इच्छा या आवश्यकताओं में बाधा पड़ने से उत्पन्न होने वाला तनाव। "
Frustration means emotional tension resulting from the blocking of a desire or need." --GOOD
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