किशोरावस्था अर्थ एवं परिभाषा
किशोरावस्था अर्थ एवं परिभाषा -किशोरावस्था सभी अवस्थाओं से अधिक आनंदमयी एवं उपलब्धियों को अर्जित करने वाली अवस्था है। इसे ऐज ऑफ़ ब्यूटी भी कहा जाता है। यह जीवन का सबसे कठिन काल है। यह वह अंतिम अवस्था है जो बालक को परिपक्वता की ओर ले जाता है। यह अमूर्त चिंतन की अवस्था है इसे दल भक्ति की अवस्था भी कहते है। इस अवस्था में किशोरों में अटपटा व्यहार देखने को मिलता है वह उलझनों से घिरे रहते हैं।इसमें तेरह (THIRTEEN ) से अट्ठारह (EIGHTEEN) वर्ष के आयु के किशोरों को रखा जाता है इसलिए इसे टीन ऐज कहा जाता है। इसे जीवन की बसंत ऋतु भी कहा जाता है। इसमें किशोर समाज में व्यव्हार करना , तार्किक चिंतन करना तथा मित्रता करना सीखते हैं। इसलिए इसे संवेगात्मक परिवर्तन की अवस्था भी कहते हैं। इसे संक्रमण काल के नाम से भी जाना जाता है।
रॉस महोदय के अनुसार -"किशोरावस्था ,शैशवावस्था की पुनरावृत्ति है। "
स्टैनले हॉल के अनुसार -" किशोरावस्था प्रबल दबाव ,तनाव ,तूफ़ान व् संघर्ष का काल है। "
वैलेन्टीन के अनुसार -घनिष्ठ व् व्यक्तिगत मित्रता उत्तर किशोरावस्था की विशेषता है। "
स्किनर के अनुसार -किशोरावस्था अपराध प्रवृति के विकास नाज़ुक समय है। "
ई ० ए ० किलपैट्रिक ने -"किशोरावस्था को जीवन का सबसे कठिन काल कहा जाता है। "
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें