मैक्स वर्दीमर का व्यक्तित्व सिद्धांत

 मैक्स वर्दीमर का व्यक्तित्व सिद्धांत 

मैक्स वर्दीमर  ने 1910  में गेस्टाल्ट मनोविज्ञान  के सम्बन्ध में तत्थ्य प्रस्तुत किया तथा 1912  में गेस्टाल्ट मनोविज्ञान  की स्थापना की | 

  वर्दीमर  ने अपने सहयोगियों कुर्ट कोफ्का एवं कोहलर के साथ मिलकर एकत्रित किये गए तत्थ्यो के आधार पर गेस्टाल्ट सिद्धांत सम्बंधित प्रयोग किये |

 इन्होने अधिगम में आंतरिक विचारों एवं तर्क पर आधारित  अंतर्दृष्टि विचारों को महत्त्व दिया इन्होने सृजनात्मकता , नवीन विचारों , अंतर्दृष्टिके माध्यम से समस्या समाधान की प्रवृति को महत्वपूर्ण माना  है  

गेस्टाल्टवादियों ने  अंश एवं सम्पूर्णता में विभिन्नता को माना गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों ने गेस्टाल्ट की संज्ञा प्रारूप ,आकार , या आकृति के रूप में  दी गेस्टाल्ट स्कूल में प्रयोगात्मक मनोविज्ञान में प्रत्यक्षण के क्षेत्र में कार्य किया |

 प्रत्यक्षण के अतिरिक्त सीखना , चिंतन तथा स्मृति के क्षेत्र में योगदान दिया  इन्होने अपने विचार एक्सपेरिमेंटल स्टडीज़ ऑन  द परसेप्शन ऑफ़ मूवमेंट शीर्षक से प्रस्तुत किये | 

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