प्रतिमान सिद्धांत
प्रतिमान सिद्धांत
इस सिद्धांत का पक्ष टामसन द्वारा लिया गया।
इसके अनुसार कोई व्यक्ति जो ज्ञान का एक समहू में बुद्धिमान है
दूसरे समहू का ज्ञान में उतना ही बुद्धिमान नहीं हो सकता।
जैसे डाक्टर अपने कार्य में निपुर हो सकता है किन्तु ये जरूरी नहीं है कि वह एक अच्छा कवि , मेकैनिक या टीचर हो।
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