संवेगात्मक बुद्धि

 संवेगात्मक बुद्धि 

  सांवेगिक बुद्धि पद का प्रतिपादन सेलोवी  तथा मेयर ने किया किंतु इसकी वैज्ञानिक एवं सैद्धांतिक  व्याख्या गोलमैन द्वारा की गई

 गोलमैंन ने इस संप्रत्यय की व्याख्या अपनी बहुचर्चित पुस्तक "इमोशनल इंटेलिजेंसी  व्हाय  इट कैन  मैटर मोर देन आई क्यू "में की  है जिसमें उन्होंने कहा  कि व्यक्ति को जिंदगी में जो सफलताएं मिलती है उनका 20% ही बुद्धि लब्धि के कारण होता है और शेष 80% सफलता का कारण  सांवेगिक बुद्धि होता है।  

सांवेगिक बुद्धि सिद्धान्त 

गोलमैंन सांवेगिक बुद्धि के विषय में कहा कि यह दूसरों एवं स्वयं के भावों  को पहचानने की क्षमता तथा अपने आप को अभिप्रेरित करने एवं अपने तथा अपने संबंधों में  संवेग को प्रबंधित करने की क्षमता है 

उन्होंने  सांवेगिक क्षमताओं के एक सेट का वर्णन किया जो व्यक्ति को एक दूसरे से अलग करता है 

ऐसी सांवेगिक क्षमताओं के चार समूह हैं 

  1.  आत्म -अवगतता 
  2.  आत्म प्रबंधन
  3.   सामाजिक चेतना 
  4. सामाजिक कौशल  

गोलमैंन ने  सिद्धान्त मे  कहा सांवेगिक  क्षमताऐं  व्यक्ति को अपनी जिंदगी में भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में सफलता प्रदान करने में काफी सहायता करती है इसलिए गोलमैंन अपने सांवरी बुद्धि के इस मॉडल को निष्पादन का सिद्धांत भी कहा 

 सांवेगिक क्षमता का सामर्थ्यता  तथा सांवेगिक  व्यक्तित्व शीलगुणों  में अंतर को स्पष्ट नहीं कर पाए।     


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