कर्ट लेविन का क्षेत्र सिद्धांत

  

कर्ट लेविन का क्षेत्र सिद्धांत

   कर्ट लेविन (1890 )का जन्म प्रशिया में हुआ था, जिसे अब पोलैंड के रूप में जाना जाता है।

    एक जर्मन मनोवैज्ञानिक थे जो बाद में अमेरिका जाकर बस गए तथा वहां के स्टेन फोर्ड   तथा आईऔवा विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर पद पर आसीन हुए  कर्ट लेविन रसायन शास्त्री मनोवैज्ञानिक  थे। 

     इन्होने यह सिद्धांत 1917 में पीएचडी शोध कार्य के आधार पर विकसित किया जो  इन्होने जीवन में वातावरण को अधिगम का आधार माना है 

     व्यक्ति के जीवन पर क्षेत्र में अनेक प्रकार की  कठिनाइयां आती है जिसे वह दूर( हल )करता है तथा अपने उद्देश्य पर पहुँचता है।

   उद्देश्य कभी धनात्मक और कभी ऋणात्मक शक्तियां  रखते हैं।  

   इन बाधाओ  पर विजय पाने के लिए उससे प्रेरणा मिलनी चाहिए नहीं तो  वह  निराश हो जायेगा 

लेविन के अनुसार सीखना  4 चरणों में होना आवश्यक है 

  1. आकांक्षा स्तर 
  2.  आकर्षक उद्देश्य
  3. स्मृति की गति 
  4. पुरस्कार एवं दंड

 लेविन ने अपने सिद्धांत में 3 का उल्लेख किया 

  1. जीवन दायरा 
  2. वेक्टर्स एवं कर्षण शक्तियां 
  3. टोपोलॉजी

 

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