मेटा संज्ञान
मेटा संज्ञान
मेटा संज्ञानका प्रतिपादन जॉन फ्लेवेल्ल को जाता है जिन्होंने इस क्षेत्र में अनेक शोध किए उन्होंने संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में मेटा संज्ञान का विशेष रूप से अध्ययन किया
फ्लेवेल्ल के अनुसार, मेटा संज्ञान से तात्पर्य "संज्ञानात्मक परीघटनाओं के बारे में संज्ञान से होता है
मेटा संज्ञान से आशय संज्ञान के बारे में संज्ञान से या "जानना के बारे में जानने से है
मेटा स्मृति
मेटा स्मृति में छात्र यह समझते हैं कि उनकी स्मृति किस तरह से कार्य करती है साथ ही साथ वे स्मृति के अन्य पहलुओं का भी ज्ञान प्राप्त करते हैं
मेटा स्मृति के विभिन्न पहलू
- ज्ञान
- मॉनिटरिंग
- नियंत्रण
मेटा संज्ञानात्मक मॉडल
प्रेस्सली , बोकोवस्की तथा स्क्निडर के शोधों के आधार पर एक विशेष मेटा संज्ञानात्मक मॉडल का निर्माण किया इसे उत्तम सूचना संसाधन मॉडल के नाम से जाना जाता है
इसके अनुसार बच्चों में उत्तम संज्ञान कई अंतर्क्रियात्मक कारकों तथा रणनीति ,अंतर्वस्तु का ज्ञान अभिप्रेरण तथा मेटा संज्ञान आदि का परिणाम होता है
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