मार्गदर्शन

 मार्गदर्शन का अर्थ एवं परिभाषा 

शिक्षा  मनोवैज्ञानिकों ने मार्गदर्शन को एक ऐसी प्रक्रिया कहा है जिसमें किसी वस्तु को अनुभवी एवं विशेषज्ञ द्वारा इस प्रकार की सहायता दी जाती है कि वह अपनी जन्मजात एवं अर्जित क्षमताओं एवं योग्यताओं का उचित विकास कर सके तथा जीवन की समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान करते हुए वांछित उद्देश्यों को प्राप्त कर सके 

बीएसएफ के अनुसार -"नवयुवकों को स्वयं अपने प्रति, दूसरे  के प्रति तथा परिस्थितियों के प्रति समायोजन करने में सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया मार्गदर्शन है। "

 सेकेंडरी शिक्षा आयोग के अनुसार -"मार्गदर्शन एक गहन  कार्य है, जिसका संबंध लड़के लड़कियों को अपनी योजनाओं क्षमताओं तथा  अपने कामकाज की दुनिया के संदर्भ में अपने भविष्य की योजना बुद्धिमानी के साथ बनाने के लिए दी जाने वाली सहायता से है। "

मार्गदर्शन की प्रकृति

  1. मार्गदर्शन की प्रकृति व्यक्तिगत सहायक है
  2.  मार्गदर्शन किसी भी आयु के ऐसे व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसे उसकी आवश्यकता हो 
  3. मार्गदर्शन प्रदान करना  प्रत्येक व्यक्ति का कार्य नहीं है। यह अत्यंत कुशल ,परिपक्व एवं योग्य व्यक्तियों का कार्य है।  
  4. मार्गदर्शन व्यक्ति को स्वयं के प्रति, दूसरों के प्रति एवं अपने विशिष्ट वातावरण के प्रति समायोजित होने में सहायता प्रदान करता है
  5.   मार्गदर्शन के द्वारा व्यक्ति को भावी जीवन के लिए तैयार किया जाता है 
  6. मार्गदर्शन व्यक्ति में आत्म -निर्देशन की योग्यता को विकसित करता है

 मार्गदर्शन के सिद्धांत

  1. एक संगठित कार्यकलाप 
  2. सहयोग पर आधारित 
  3. एक आजीवन प्रक्रिया
  4.  सभी के लिए 
  5. वैयक्तीकरण  पर बल 
  6. आत्म -मार्गदर्शन को महत्व 
  7. मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं की विशेष तैयारी आवश्यक 
  8. आचार संहिता पर बल
  9.  व्यक्तिगत भेदों को सम्मान 
  10. लचीलापन
  11.  अंतः संबंधित का क्रियाकलाप 
  12. अनभिव्यक्त तथ्यों के उल्लेख का ध्यान

 मार्गदर्शन की आवश्यकता 

  1. व्यक्तिक भिन्नता की वृद्धि 
  2. जीविका के अवसर
  3.  समायोजन की आवश्यकता 
  4. शिक्षण के उद्देश्य एवं पाठ्यक्रम में परिवर्तन 
  5. व्यवसायिक चयन  
  6. शिक्षा अपव्यय की रोकथाम

 मार्गदर्शन के प्रकार 

 शैक्षिक मार्गदर्शन

शैक्षिक मार्गदर्शन वह प्रक्रिया है जो शिक्षार्थी को अपनी मानसिक शक्तियों को समझने अपने विशिष्ट मेधा एवं प्रवृत्तियों का अन्वेषण करने तदनुसार शिक्षा संबंधी चुनाव करने तथा उनके साथ अनुकूलन करने में सहायता करती है

शैक्षिक  मार्गदर्शन के उद्देश्य 

  1. शिक्षार्थी को अपनी संभावनाओं को समझने में सहायता करना
  2.  संभावनाओं को स्वीकार करने में शिक्षार्थी की सहायता करना 
  3. आत्म  निर्देशित प्रयास करने में शिक्षार्थी की  सहायता करना 
  4.  उपलब्ध साधनों की लेखा रखने में सहायता करना
  5. शैक्षिक चुनाव में सहायता करना
  6. व्यक्तिगत कल्याण में सहायता करना                                                                                              शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर मार्गदर्शन
  •  प्राथमिक विद्यालय में  मार्गदर्शन
  •  माध्यमिक विद्यालय में  मार्गदर्शन
  •   उच्च माध्यमिक स्तर पर मार्गदर्शन 
  • उच्च शिक्षा हेतु मार्गदर्शन
  •  व्यावसायिक मार्गदर्शन 
  • व्यक्तिगत मार्गदर्शन 
  • स्वास्थ्य मार्गदर्शन 
  • सामाजिक मार्गदर्शन

 मार्गदर्शन में तकनीकों का प्रयोग 

 प्रमापीकृत तकनीकी

  •  बुद्धि परीक्षण 
  • व्यक्तित्व परीक्षण 
  • अभियोग्यता परीक्षण
  •  रुचि परीक्षण 
  • उपलब्धि  निष्पत्ति परीक्षण 

 अप्रमापीकृत तकनीकी 

  • प्रश्नावली 
  • प्रक्षेपण 
  • समाजमिति 
  • व्यक्ति अध्ययन (केस स्ट्डी )
  • संचयी वृत्ति 
  •  साक्षात्कार
  • परामर्शन या  उपबोधन                                                                                                                               परामर्शन का अर्थ एवं परिभाषा 
  • परामर्श का तात्पर्य संयुक्त खोज की प्रक्रिया से होता है जिसमें एक और वह व्यक्ति होता है जिसे परामर्श दिया जाता है और दूसरी और वह प्रशिक्षित एवं सक्षम व्यक्ति होता है जो उसको अपनी क्षमता को समझने तथा उसको विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है तथा इस मार्ग में उत्पन्न बाधाओं को दूर करने का उपाय बताता है 

 कॉर्ल रोजर्स  के अनुसार -"परामर्श निर्धारित रूप से स्वीकृति जो उपबोध्य (प्रार्थी) को स्वयं को समझने में सहायता प्रदान करता है जिसके  वह  नवीन ज्ञान के प्रकाश में नए निर्णय ले सके। "

 पेरेज के  अनुसार-" परामर्शन एक अंतः क्रियात्मक प्रक्रिया होती है जो परामर्शी जिसे सहायता की आवश्यकता है तथा परामर्शदाता जो प्रशिक्षित होता है एवं वह सहायता करने के लिए प्रशिक्षित भी होता है को एक साथ मिलाता है। "

परामर्शन  प्रकृति 

  1. परामर्श एक व्यापक प्रक्रिया है 
  2. परामर्श निर्धारित रूप से स्वीकृत जो प्रार्थी  को स्वयं को समझने में सहायता प्रदान  करता है 
  3. परामर्शन   एक अंतः क्रियात्मक प्रक्रिया है 
  4. परामर्श दो व्यक्तियों परामर्शदाता तथा परामर्शी के बीच की प्रक्रिया है 
  5. परामर्श को स्व  समायोजन की प्रक्रिया माना जाता है जिसमें परामर्श लेने वाले की सहायता की जाती है जिससे वह पहले से  अधिक स्व निर्देशित एवं स्व उत्तरदायी  बन सके

 परामर्श प्रक्रिया के लक्ष्य 

  1.  परामर्श प्रार्थी
  2.  परामर्शदाता 
  3. परामर्श का लक्ष्य 

परामर्श प्रक्रिया के पद 

  1. विश्लेषण 
  2. संश्लेषण 
  3. पूर्वानुमान 
  4. परामर्श 
  5. अनुवर्तन 

परामर्श के उद्देश्य

  1. सेवार्थी की समस्या की पहचान करना
  2.  संज्ञान ,सूचनाएं प्राप्त करना 
  3. सेवार्थी तथा परामर्शदाता के बीच विश्वास स्थापित करना 
  4.  सेवार्थी तथा परामर्शदाता के बीच पारस्परिक समझ को विकसित करना 
  5. सेवार्थी को अपनी योग्यताओं ,मनोवृत्तियों  को समझने तथा व्यक्त करने में मदद  
  6. शैक्षिक तथा व्यवसायिक पसंद  की योजना बनाना 
  7. सामाजिक कौशल तथा सामाजिक समायोजना  को विकसित करना

 परामर्श के उपागम 

  1. निर्देशात्मक परामर्शन 
  2. अनिर्देशात्मक परामर्शन  या गैर -निर्देशात्मक परामर्शन 
  3.  समन्वित परामर्शन  

संज्ञानात्मक व्यवहारवादी परामर्शन 

( अल्बर्ट एलिस REBT )

संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं में चिंतन, प्रत्यक्षण ,मूल्यांकन तथा आत्मकथनों  को ध्यान में रखकर परामर्श दिया जाता है इस संदर्भ में एलिस की तर्कसंगत भावनात्मक  व्यवहार चिकित्सा( रेशनल इमोटिव बिहेवियर थेरेपी RATIONAL EMOTIVE BEHAVIOUR THERAPY )( REBT ) प्रमुख है जिसे प्रारंभ में रेशनल थेरेपी एवं रेशनल इमोशनल थेरेपी भी कहा जाता था

  संज्ञानात्मक व्यवहारवादी परामर्शन  में अल्बर्ट एलिस  का योगदान

वर्ष 1954  में एलिस ने अपनी नई तकनीकों को अन्य चिकित्सकों को  पढ़ाना शुरू किया और वर्ष 1957 तक उन्होंने औपचारिक रूप से पहली संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा का प्रस्ताव रखा 

मानवतावादी या प्रभाववादी  परामर्शन 

 मानवतावादी परामर्श सिद्धांत अस्तित्ववादी मानवतावादी दर्शन परम्परा से उत्पन्न हुआ है। इसमें परमार्शप्रार्थी को प्रभावपूर्ण ढंग से समझने पर विशेष बल दिया जाता है।   

  • अनुभव की विलक्षणता 
  • समग्रता
  •  सीमाबद्धता
  •  आत्म परिभाषा 

व्यक्ति केंद्रित परामर्श 

कॉर्ल रोजर्स  ने गैर- निर्देश, क्लाइंट केंद्रित एवं व्यक्ति केंद्रित शब्द चिकित्सकीय दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए प्रयोग किए हैं वर्ष 1942 में कॉल रोजर्स ने परामर्श और मनोचिकित्सा का प्रकाशन किया इन्होंने गैर निर्देशक चिकित्सा के विचार प्रस्तुत किए  व्यक्ति केंद्रित परामर्श मानव प्रकृति की महत्वपूर्ण घटनाओं जैसे -स्वतंत्रता, विवेक पूर्णता ,पूर्णतावाद , परिवर्तनशीलतावाद ,आत्मनिष्ठा ,अग्रलक्षता  तथा अग्येता पर अधिक बल दिया है

व्यक्ति केंद्रित परामर्श की विशेषताएं 

  1. परामर्श प्राप्तकर्ता अनिर्देशित परामर्श का केंद्र बिंदु होता है 
  2. व्यक्ति केंद्रित परामर्श में व्यक्ति भावनाओं एवं आवेगों  का सम्मान करता है
  3.  प्रेम पूर्ण सहयोगात्मक वातावरण 

 परामर्शन  के सिद्धांत

  1. तर्कसंगत सिद्धांत
  2.  संवेगात्मक तथा यथार्थवादी सिद्धांत 
  3. व्यवहारवादी सिद्धांत

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