मार्गदर्शन
मार्गदर्शन का अर्थ एवं परिभाषा शिक्षा मनोवैज्ञानिकों ने मार्गदर्शन को एक ऐसी प्रक्रिया कहा है जिसमें किसी वस्तु को अनुभवी एवं विशेषज्ञ द्वारा इस प्रकार की सहायता दी जाती है कि वह अपनी जन्मजात एवं अर्जित क्षमताओं एवं योग्यताओं का उचित विकास कर सके तथा जीवन की समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान करते हुए वांछित उद्देश्यों को प्राप्त कर सके बीएसएफ के अनुसार -" नवयुवकों को स्वयं अपने प्रति, दूसरे के प्रति तथा परिस्थितियों के प्रति समायोजन करने में सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया मार्गदर्शन है। " सेकेंडरी शिक्षा आयोग के अनुसार -" मार्गदर्शन एक गहन कार्य है, जिसका संबंध लड़के लड़कियों को अपनी योजनाओं क्षमताओं तथा अपने कामकाज की दुनिया के संदर्भ में अपने भविष्य की योजना बुद्धिमानी के साथ बनाने के लिए दी जाने वाली सहायता से है। " मार्गदर्शन की प्रकृति मार्गदर्शन की प्रकृति व्यक्तिगत सहायक है मार्गदर्शन किसी भी आयु के ऐसे व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसे उसकी आवश्यकता हो मार्गदर्शन प्रदान करना प्रत्येक व्यक्ति का कार्य नहीं है।...