अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत
अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत -इस सिद्धांत को प्राचीन अनुबंधन ,सम्बन्ध प्रतिक्रिया सिद्धांत आदि नामों से भी जाना जाता है। इसका प्रतिपादन ईवान पैट्रोविच पावलव द्वारा किया गया। इसमें इन्होनें अपने प्रयोग कुत्तों पर किये। संबंध सम्बन्ध प्रतिवर्त विधि जन्म हुआ। इसके द्वारा ही आदत निर्माण जैसी प्रतिक्रया सिखायी जा सकती है। कृत्रिम उद्दीपक के द्वारा भी शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत सम्बन्ध प्रतिक्रिया धीरे -धीरे आदत बन जाती है। इस सिद्धांत को भाषा का विकास के लिए शिक्षा में प्रयोग किया जाता है। यह मनोवृत्तियों का निर्माण करने में एक सहायक सिद्धांत है। इससे व्यक्तियों के बुरी आदतों को छुड़वाने तहा अच्छी आदतें व्यव्हार में लेन में मदद मिल सकती है। सुलेख व् अक्षर विन्नयास जैसे विषयों के शिक्षण में यह अधिक उपयोगी है।